भारतकोश ज्ञान का हिन्दी महासागर

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ज्ञान का हिन्दी-महासागर

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भारत कोश हलचल

नारद जयंती (19 मई) · बुद्ध जयंती / बुद्ध पूर्णिमा (17 मई) · पूर्णिमा व्रत (17 मई) · नृसिंह जयंती (16 मई) · प्रदोष व्रत (15 मई) · हितहरिवंश महाप्रभु जयंती (13 मई) · मोहिनी एकादशी (13 मई) · सीता नवमी (12 मई)


जन्म दिवस
समाज सुधारक राजा राममोहन राय (22 मई) · प्रसिद्ध साहित्यकार सुमित्रानंदन पंत (20 मई) · स्वतंत्रता सेनानी विपिन चन्द्र पाल (20 मई) · पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा (18 मई) · प्रसिद्ध हास्य अभिनेता जॉनी वॉकर (15 मई) · अमर क्रान्तिकारी सुखदेव (15 मई)
पुण्य तिथि
प्रसिद्ध कवि दादू दयाल (25 मई) · पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी (21 मई) · प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार हज़ारी प्रसाद द्विवेदी (19 मई) · प्रसिद्ध उद्योग पति जमशेद जी टाटा (19 मई) · अंग्रेज़ी भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार आर. के. नारायण (13 मई)

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विशेष आलेख
भारतीय संविधान की मूल सुलेखित प्रतिलिपि में प्रदर्शित अशोक के चित्र की प्रतिलिपि

अशोक महान ने कहा है:-
     हर दशा में दूसरे सम्प्रदायों का आदर करना ही चाहिए। ऐसा करने से मनुष्य अपने सम्प्रदाय की उन्नति और दूसरे सम्प्रदायों का उपकार करता है। इसके विपरीत जो करता है, वह अपने सम्प्रदाय की जड़ काटता है और दूसरे सम्प्रदायों का भी अपकार करता है ... ।
... इसलिए समवाय (परस्पर मेलजोल से रहना) ही अच्छा है, अर्थात् लोग एक-दूसरे के धर्म को ध्यान देकर सुनें और उसकी सेवा करें -सम्राट अशोक महान ... और पढ़ें


पिछले विशेष आलेख श्रावस्ती · श्राद्ध · रंग · वाराणसी
एक पर्यटन स्थल
सूर्य मंदिर कोणार्क
  • कोणार्क के सूर्य मंदिर को गंग वंश के राजा नरसिम्हा देव प्रथम ने लगभग 1278 ई. में बनाया था।
  • कहा जाता है कि ये मंदिर अपनी पूर्व निर्धारित अभिकल्पना के आधार पर नहीं बनाया जा सका। मंदिर के भारी गुंबद के हिसाब से इसकी नींव नहीं बनी थी।
  • यहाँ के स्थानीय लोगों की मानें तो ये गुम्बद मंदिर का हिस्सा था पर इसकी चुम्बकीय शक्ति की वजह से जब समुद्री पोत दुर्घटनाग्रस्त होने लगे, तब ये गुम्बद हटाया गया। शायद इसी वजह से इस मंदिर को 'ब्लैक पैगोडा' भी कहा जाता है। ... और पढ़ें

पिछले पर्यटन स्थल हुमायूँ का मक़बरा · हम्पी
सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी
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साप्ताहिक सम्पादकीय-आदित्य चौधरी
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दोस्ती-दुश्मनी और मान-अपमान
      ऐसा कैसे हो सकता है कि न कोई मित्र है और न कोई शत्रु है ? न कोई मान है, न कोई अपमान है ! मित्र तो मित्र होता है, शत्रु तो शत्रु होता है। जो मित्र है, वह शत्रु कैसे हो सकता है और जो शत्रु है, वह मित्र कैसे हो सकता है ? ...पूरा पढ़ें

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एक व्यक्तित्व
महादेवी वर्मा

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